Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on November 08, 2018 with No comments
देश व गोवर्धन
भारत देश की हर बात निराली है।
हर दिन होली हर रात दीवाली है।।
यहां अनमोल है हर जीव, प्राणी।
गज गनपत है, गो है माता रानी।।
एक गोपालक है भगवान अवतार।
जहां गोवर्धन एक पूजनीय पठार।।
गिरधर ने कनिका पर टिकाया था।
जब इंद्र देव ने कहर बरपाया था।
तब से है ये पठार भी देव समान।
ऐसा है मेरा देश है मेरा देश महान।
भारत देश की हर बात निराली है।
हर दिन होली हर रात दीवाली है।।
स्वरचित
सुखचैन मेहरा # 9460914014

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