झूठे यकीन के सहारे
"आज आखरी बार मिलना चाहती हूँ आपसे" ये संदेश था... सुजल से बेइंतहा मुहब्बत करने वाली करिश्मा का।
सुजल संदेश पढ़कर विचलित हो उठा...उसने हाथोंहाथ करिश्मा को फ़ोन लगाया लेकिन उसने नहीं उठाया।
फिर सुजल बिना देर किए उस जगह चला गया जहां वह रोज मिला करते थे।
करिश्मा वहां बैठी आंसू बहा रही थी। 'क्या बात हो गयी है, बात तो बताओ??'सुजल ने आगे से उसके कंधों पर हाथ रखते हुए कहा।
करिश्मा बस लगातार रो रही थी...
'अरे! यार कुछ तो बताओ..' सुजल ने करिश्मा को झझकोरते हुए कहा।
सुजल...मेरी...मेरी.....
हां... हां... बताओ..
मेरी सगाई हो गयी है और कुछ दिन बाद शादी है...
सुजल अपना माथा पकड़कर बैठ गया। कहने लगा तूने तो मरते दम तक साथ निभाने की कसम खाई थी उसका क्या..???
इसमें मैं कुछ नहीं कर सकती...मैं तुझे बताने आयी थी कि आज के बाद मैं आपसे नहीं मिलने आऊंगी।
बात तो कर लिया करना।
'ठीक है' कहकर करिश्मा चली गई।
सुजल बैठा देखता रहा...जब तक वो आंखों से ओझल नहीं हो गई....
करिश्मा की शादी एक प्रद्युमन नाम के लड़के के साथ हो गई।
पहली रात तो ठीक से निकल गयी । क्योकि करिश्मा ने अपने पिछले जीवन का राज नहीं खोला था अभी तक।
बीच मे किसी अजनबी के फोन आया करते थे प्रद्युमन को कि 'तूने जिस लड़की से शादी की है वो किसी और के साथ प्यार करती है...💐💐💐
प्रद्युमन ने पूछा क्या सबूत है??
मेरे पास कुछ फोटोग्राफ्स है तुम राज भवन के पीछे आ जाओ।
मिलने पर उसने वो सारी फोटोज प्रद्युमन के हवाले कर दी...
लेकिन प्रद्युमन इतनी जल्दी किसी पर विश्वास करने वाला नही था उसने सोचा आज कल डिजिटल जमाना है किसी ने फ़ोटो एडिट कर दी होगी।
लेकिन उसे धीरे धीरे सक होने लगा कि करिश्मा उसके साथ थोड़ा सा भी वक्त नहीं निकालती वो फ्री समय में मोबाइल पर ही व्यस्त हो जाती है।
पर प्रद्युमन करिश्मा को कुछ नहीं कहता क्योकि करिश्मा अब माँ बनने वाली थी।
(दो महीने बाद, गोवर्नमेंट हॉस्पिटल, जयपुर)
करिश्मा को प्रसव पीड़ा उठने के कारण हॉस्पिटल में भर्ती करवाया।
डॉक्टर ने कहा बड़े ऑपरेशन से बच्चा होगा।
प्रद्युमन घर पर आया था कुछ सामान की व्यवस्था के लिए क्योंकि प्रद्युमन को आज रात हॉस्पिटल में ही रुकना था।
प्रद्युमन शर्दी के कपड़े व अन्य जरूरी सामान इक्कठा कर ही रहा था कि उसे करिश्मा का मोबाइल दिखाई दिया।
वहां उसे सब कुछ पता चल गया और उस अजनबी की बातों पर भी यकीन हो गया था। सब संदेश पढ़ लिए थे प्रद्युमन ने सुजल व करिश्मा के...
उसने उसी वक्त गले में रस्सी डाली और भगवान को प्यारा हो गया।
(एक चिट्ठी करिश्मा के लिए छोड़ गया । और आखिरी तमन्ना लिखी की इसे करिश्मा ही पढ़े कोई और नहीं )
उधर उसी के पुत्र ने जन्म लिया ले लिया । करिश्मा को जब पता चला तो वो अपने किये पर पछता रही थी।
उसने वो चिट्ठी पड़ी तो लिखा था, ' मैंने तुम्हें शादी से पहले ही कहा था 'तुझे मैं पसन्द हूँ तो ही शादी करना लेकिन तू नहीं मानी जूठे यकीन के सहारे मुझे से शादी कर ली'
करिश्मा के आंखों में आंसू बह रहे थे और बच्चा रो रहा था ऐसा लग रहा था कि वो भी अपने पिता के जाने का शोक मना रहा हो....
जी वास्तव जिसे हम प्यार(दोनों तरफ से) करते है उसी से शादी करनी चाहिये , क्योंकि किसी दूसरे के साथ शादी करके तीन जिंदगियां खराब हो जाती है। एक स्वयं की दूजी उन दोनों की (जिसे छोड़ दिया है, जिसके साथ शादी हो रही है)
स्वरचित
सुखचैन मेहरा # 9460914014