Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on November 04, 2018 with No comments
देश व पुस्तक
[1]
ना बेईमानी
ना ही रिश्वत खोरी
देश महान।
[2]
देश हमारा
सैनिक है रक्षक
तभी महान
[3]
काले अंग्रेज
अनपढ़ नेता जी
कष्ट में देश।
[4]
आयुध ध्वस्त
हो चहुँ द्वार बन्द
पुस्तक राह
[5]
पढ़ो पुस्तक
हो पुनर्जागरण
प्रति साहित्य।
स्वरचित
सुखचैन मेहरा # 9460914014

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