Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on November 30, 2018 with No comments
शेर-4
1.
मेरे शब्दों ने खामोशी धारण की है
इसका मतलब ये नहीं है कि
मेरी खामोशी का कोई अर्थ नहीं है
बस समझने वाला समझ जाएगा
बाकी मेरे न चाहने वालो में से एक होगा
2.
तेरी सूरत पर है भोलापन
पर तेरी अदाओं में शरारत है।
3.
बत्तीसी दिखाने में थोड़ा समय लगेगा हजूर,
क्योंकि उनकी चाल से थोड़ा देर से वाकिफ हुआ हूँ।
कुछ दिन यादों का काफिला साथ रहेगा,
और कुछ दिन उसकी बेवफ़ाई को याद कर रोऊंगा।
स्वरचित
सुखचैन मेहरा # 9460914014

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