Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on November 03, 2018 with No comments
अहंकार पर शेर
हमें अहंकार तक होने लगा था
किसी बफा पर, पर
उनकी बेबफाई ने
अहंकारी होने से बचा लिया।
अहंकार का रास्ता लोग जानते है
कि वो मृत्यु लोक तक चलता है
लेकिन पता नहीं क्यो लोगों में
अब मौत का ख़ौफ नहीं...
है मनुष्य उस अहंकारी
रावण की मौत भी सफल हो गयी
राम के हाथों मर कर,
लेकिन आज के युग मे अहंकार करेगा
तो तुझे मरना भी एक अहंकारी के ही
हाथों से होगा...इसलिए आज के युग मे
अहंकार करना भी, एक मूर्खता मात्र है...
स्वरचित
सुखचैन मेहरा... # 9460914014

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