*💐 नमन 'पाठकगणों को' 💐 * *****************************
*💐 दिनांक : 10/10/2018 💐 * *****************************
*💐 विषय : माँ दुर्गा 💐*
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मेरे अंधकार भरे जीवन में.।
ज्योतिर्मयी ज्योत जलाओ ना
कपटी, अवगुणी मन मेरे में।
सद्गुण का दीप जलाओ ना।।
तेरे अबोध, अज्ञानी बालक को।
तुम ज्ञान का पाठ पढ़ाओ ना।।
तेरे दीदार को तरस रहे नैन।
नैनो के भाग जगाओ ना।।
अनंत रूप है तेरे माँ दुर्गा।
किसी एक रूप में आओ ना।।
अब करूणा रस बहाओ माँ।
आओ ना माँ, अब आओ ना।
ज्योतिर्मयी ज्योत जलाओ ना
सद्गुण का दीप जलाओ ना
तुम ज्ञान का पाठ पढ़ाओ ना
नैनो के भाग जगाओ ना
किसी एक रूप में आओ ना
आओ ना माँ, अब आओ ना।।
-:स्वरचित:-
सुखचैन मेहरा # 9460914014

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