October 04, 2018 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments
Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on October 04, 2018 with No comments

प्रार्थना : एक अनोखी प्रेम कहानी।

राम माता-पिता उसका रिश्ता लेकर प्रार्थना के घर पहुंचे | राम बैंक में जॉब करता था तो प्रार्थना के माता-पिता भी इस रिश्ते के लिए राजी हो गये |दोनों कि सगाई हो गई | परिजनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना शुरू हो गया | प्रार्थना के माता-पिता तो इस रिश्ते से बहुत खुश थे | लेकिन राम के कुछ रिश्तेदार इस रिश्ते से खुश नहीं थे, क्योंकि प्रार्थना दिखने में सीधी-सादी, इतनी सुंदर भी नहीं थी शायद यही कारण था | प्रार्थना के परिजन को पता चला तो उन्होंने कहा, ‘ भई माता-पिता खुश है, लड़का खुश है तो हमें रिश्तेदारों से क्या लेना | इस तरह सगाई किये काफी समय बीत गया लगभग दो साल | लेकिन इन दो सालों में काफी कुछ बदल गया | राम को कोई दूसरी लडकी पसंद आ गयी बात शादी तक आ पहुंची | लेकिन राम के माता-पिता नहीं माने (मानते भी कैसे..? उन्होंने अपनी बिरादरी में नाक थोड़े ही कटवानी थी)| राम ने अपने घर वालों के आगे हार मान ली | और माता-पिता के कहने पर राम दोबारा प्रार्थना से घंटो बातें करने लगा | इस बीच प्रार्थना की भी जॉब लग गयी लेकिन वो राम की इस बात से  अनजान थी | राम और प्रार्थना दोनों घंटो बातें करने लगे | आखिर सच्चाई कब तक छिपी रहती | प्रार्थना को राम कि सारी सच्चाई पता चल गयी | घरवालों ने उसे राम से बात करने से मना कर दिया | लेकिन  प्रार्थना ने बस आखिरी बार राम से बात करनी चाही और राम से पूछा कि, ‘जो बातें लोग कह रहे है वो सच है..? पहले तो राम ने साफ मना कर दिया लेकिन बाद में गलती मांगने लगा और दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी | प्रार्थना ने अपने घर वालों के कहने पर बात करने से मना कर दिया | राम के काफी मनाने पर प्रार्थना तो मान गई लेकिन परिजन नहीं माने | और सगाई के दो साल बाद रिश्ता टूट गया |

      राम से रिश्ता टूट जाने के बाद प्रार्थना बस चुप-चाप/गुम-सुम सी रहने लगी तो उनके परिजनों से प्रार्थना का यह हाल नहीं देखा गया | उन्होंने प्रार्थना से रजामंदी पूछी तो प्रार्थना ने राम को ही चुनने का फैंसला किया | पता नहीं राम प्रार्थना को याद करता है या नहीं लेकिन प्रार्थना आज भी उसे याद करती है और राम के लौटने का इंतजार है...| 

प्रार्थना: भाग-2

प्रार्थना और राम का ब्रेकअप होने के बाद से ही प्रार्थना गुमसुम सी रहने लगी | प्रार्थना के माता-पिता से इसका ये हाल देखा नहीं गया | उन्होंने ने प्रार्थना से पूछ ही लिया कि वह क्या चाहती है | प्रार्थना ने राम से ही शादी करनी चाही | राम को इस ब्रेकअप का पछतावा था या नहीं लेकिन प्रार्थना तो आज भी उसकी होने को तैयार थी |
प्रार्थना राम के सन्देश को तथा राम प्रार्थना के सन्देश का इंतजार करता रहा लेकिन दोनों पहले तुम... पहले तुम वाली बात में रह गये | लेकिन वास्तविकता ये थी कि दोनों अब लौटना चाहते थे राम ने तो कई बार कौशिश की उससे बात करने की लेकिन वह उसके दो पल के गुस्से को नफरत समझने लगा। इसलिए वो प्रार्थना से बात भी नहीं कर पाया अब ये कहानी फिर उसी मोड़ पर आकर खड़ी हो गयी है | जब दोनों में से किसी एक पहल करनी होगी | पहल वो ही करेगा जो शायद ज्यादा प्यार करता होगा | यदि ऐसा नहीं होता है तो ये दुनियाँ की पहली कहानी होगी जब दो लोग आपस में मिलना चाहते है लेकिन पहले तुम.... पहले तुम... के चक्कर में फिर से अधूरी रह जायेगी |

दोस्तों कहानी यहीं ख़त्म नहीं हुई है आगे मैं इसका पार्ट 3 भी लेकर ओऊंगा फाइनल रिजल्ट के साथ....

प्रार्थना: भाग-3

फिर एक दिन राम ने ही प्रार्थना को 'Sorry' का मैसेज किया। प्रार्थना तो जैसे इस पल का कब इंतजार कर रही थी । उसने झट ही कह दिया 'कोई बात नहीं देर आये दुरुस्त आये।'

राम:  क्या कर रही हो ?

प्रार्थना: कुछ नहीं बस बैठी थी। आज कैसे मन कर गया आपका बात करने का?

राम: एक कहानी पढ़ी थी मैंने..

प्रार्थना: कौनसी...?वो प्रार्थना वाली...

राम: हां, वो ही। पहले तो मैंने सोचा आपने कहा है उसे कहानी लिखने के लिए..लेकिन बाद में पता चला कि वो कहानी उसी से संबंधित थी।

प्रार्थना: और मैंने सोचा आपने कहा था।  चलो छोड़ो ...ओर क्या करते हो आज कल..?

राम: कुछ खास नहीं... बस, सुबह उठकर बैंक और बैंक से घर।

प्रार्थना: इतनी देर लगा दी 'Sorry' कहने में ।

राम: क्या करता तेरा गुस्सा देखकर मेरी हिम्मत ही नहीं पड़ी... कुछ बोलने की ।

प्रार्थना: मैं बाद में मान गयी थी...मैं आप से बात भी करना चाहती थी लेकिन मेरे मम्मी पापा ने ही बात करने नही दी..(आँसू निकल पड़े आँखों से)

राम: प्लीज आप रोवो मत...अब जो हो गया सो हो गया मैं आपसे एक बार ओर सॉरी मांगता हूँ..

प्रार्थना: कोई बात नहीं..पापा ने एक शर्त रखी थी कि यदि ' तुम(राम) उसको मना लेगा तो वह अपनी शादी करवा देंगे।

प्रार्थना: Thanks.. अब हम कभी जुदा नहीं होंगे...

राम: कभी नहीं...। जिसके लिए तुझे छोड़ा था वो भी छोड़कर भाग गई यार....(हस्ते हुए)

प्रार्थना:  बुधु तुझे मेरे अलावा कौन झेलेगा..कौन तेरी अकड़ सहेगा। (ये भी हस पड़ी)

राम: तूने अभी शादी क्यों नहीं की??

प्रार्थना: कैसे करती मेरी किस्मत में जो तू लिखा था। हर समय याद करती रहती थी तुझे...।

प्रार्थना: हर दिन मैसेज चेक करती थी कभी fb पर तो कभी इनबॉक्स में।

राम: मेरे ससुर जी का क्या हाल है..???

प्रार्थना: ठीक है...अब जल्दी से तगड़ा हो जा.. गिन गिन बदले लुंगी तुम से बहुत तड़फाया है रे तूने..

राम: ठीक है...मेरे बाबा...

प्रार्थना: दिन निकलने को है अब सो जा...

राम: अरे! यार आज नींद कहाँ आएगी मुझे...

प्रार्थना: सो जा अब.. पागल। चार बज गए है सुबह काम पर भी तो जाना है...हम दोनों ने।

राम: ठीक है बाबा... By...

प्रार्थना:  By By....

इस तरह प्रार्थना ने अपने पेरेंट्स को बताया और दोनों की शादी हो गयी । आज दोनों एक दूसरे को लेकर खुश है..खुशी से अपनी जिंदगी बसर कर रहे है...।

तो दोस्तो आपको यह कहानी कैसे लगी...कॉमेंट करके जरूर बताएं...

लेखकः सुखचैन मेहरा # 9460914014


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