[1] बड़ी दुयाओं से मांगा है तुझे मेरे हमसफर
अब जिंदगी भर साथ निभाने का वादा कर
मेरा कोई नहीं तेरे बिन इस दुनियां में।।
[2] जिंदगी की गाड़ी नहीं चलेगी
मेरे हमसफर तेरे बिन...
कभी साथ मत छोड़ना मेरा
क्योंकि चलती का नाम गाड़ी है।
[3] मैं उस नाव पर सवार हूँ
जिसका नाविक मेरा हमसफर है...
[4] जब सारी दुनियां रूठ गयी थी
अपने साथ छोड़ गए थे तो
मुझे मेरे पास बस,
एक ही शख्स खड़ा दिखाई दिया
और वो शख्स था मेरा हमसफर।।
(ऐसा हमसफर सभी को मिले)
[5] है मेरे हमसफर तेरे बिन
मैं जीवन सफर की
कल्पना कैसे करूँ।
जब भी कल्पना करता हूँ
मेरी आँखो के आगे अंधेरा
छा जाता है, गुरु।।
सुखचैन मेहरा

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