October 25, 2018 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments
Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on October 25, 2018 with No comments

जब तुम नजरों के सामने होंगे
मुझे इंतजार है उस पल का।
जिस क्षण तुम मेरे हो जाओगे
मुझे इंतजार है उस क्षण का।।

नजरों में कैद कर लूंगा हर पल
को जो साथ तेरे बिताऊंगा मैं।
मेरी खुशी सातवें आसमान पे
होगी जब तुझे अपमालूँगा मैं।।

सपनों की दुनियां में खोया हूँ मैं,
वास्तविकता से काफी दूर हूँ मैं।
न जाने तुम किस क्षण मेरे होंगे,
इंतजार करने पर मजबूर हूँ मैं।।

स्वरचित
सुखचैन मेहरा # 9460914014


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