हिंदी भाषा का सवेरा
भारत रूपी क्लास में जब आंग्ल भाषा का प्रवेश हुआ।
मुख्य पात्र : हिंदी
सहायक पात्र : आंग्ल
अन्य पात्र : बच्चे
इस नाटिका में
क्लास = भारत
बच्चे = राज्य
भारत रूपी क्लास में कुछ बच्चे(राज्य)आपस में रंग विरंगी पोशाक पहने एक दूसरे के साथ बैठे हुये हैं। कई काले कपडों में, तो कोई केशरिया में, कई सफेद में तो कई पीत वस्त्र धारण किये हुए है। चारों ओर खुशहाली ही खुशहाली थी। गम का नाम ओ निशां नहीं। सांस्कृतिक सप्ताह जो चल रहा था।
आंग्ल भाषा ये सब देख कर बहुत हैरान हुई। कि ये सब कैसे कितना अद्भुत है।
आंग्ल भाषा : मय आई कम इन ...मैम.???
हिंदी भाषा। : जी, अवश्य। आपका इस क्लास में स्वागत है।
आंग्ल भाषा : थैंक यू मैम...आंग्ल भाषा ने खास लहजे से कहा (आंग्ल भाषा को कुछ समझ में नहीं आया)
हिंदी भाषा : धन्यवाद।
आंग्ल भाषा ने क्लास में प्रवेश किया।
हिंदी भाषा ने सभी बच्चों को उनकी नयी अध्यापिका से परिचय करवाया।
आंग्ल भाषा : हाऊ आर यु ..???स्टूडेंट्स..
(बच्चे मौन)
हिंदी भाषा : बच्चों आपकी नयी अध्यापिका आपका हाल चाल पूछ रही है।
बच्चे : ठीक हैं...बहन जी।
आंग्ल भाषा : ओकेय गुड...
फिर आंग्ल भाषा ने सोचा कि इस तरह से मैं इनको कुछ सीखा ही नहीं पाऊंगी तो उसने हिंदी भाषा से हिंदी सीखने का मन बनाया । और ठीक ठाक हिंदी सीख भी ली।
क्लासें चलती रही
(एक महीने बाद )
आंग्ल भाषा: शु प्रभा...ट बच्चों । (इनकी बोली अभी भी आंग्ल से प्रभावित थी ।
बच्चे : बहन जी । शु प्रभा...ट नहीं होता .. सुप्रभात होता है। सब बच्चे हंसने लगे
आंग्ल भाषा : तो बच्चों आप मुझे.. भहन जी नाही..मैडम जी बोलो गए आंग्ल भाषा में ।
बच्चे : ठीक है मैडम जी।
आंग्ल भाषा : मैं आपकौ इंग्लिश विषय पढ़ाऊंगी।
बच्चे : मैडम जी ये इंग्लिश क्या होती है..,??
हिंदी भाषा : बच्चों ये एक अन्य विषय है जो आपको अंग्रजो की तरह बोलना व लिखना सिखयेगा।
इस तरह से आंग्ल भाषा ने हिंदी भाषा की सहायता से 80 प्रतिशत बच्चों पर अपना प्रभाव जमा लिया । अंत में सिर्फ एक बच्चा ही हिंदी का रह गया।
हिंदी भाषा चिन्तित रहने लगी कि ऐसे तो मुझे समझने वाला कोई नहीं रहेगा।
फिर उसने उस एक बच्चे को कहा
हिंदी भाषा : मैं आपकी राष्ट्रभाषा हूँ मुझे समझने वाला अब तेरे सिवाय कोई नहीं रहा ।
बचा : बहन जी मैं आपके महत्व को पूरी क्लास में फैला दूंगा ।
उस बच्चे का प्रयास सफल हुआ । सभी बच्चे मूलतः हिंदी व द्विभाषी हो गए।
इस नाटकीय लेख में
क्लास = भारत
बच्चे = राज्य
तो मेरा कहना यही है कि आप अंग्रेजी भाषा सीखो लेकिन अपने पर हावी न होने दें । हिंदी भाषा को महत्व दो ।जिससे हिंदी भाषा का सवेरा हो सके।
लेखकः सुखचैन मेहरा # 9460914014

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