प्रार्थना: भाग-3
इस कहानी का भाग पहला और दूसरा प्रतिलिपी ऐप्प में अपलोड किया हुआ है..
प्रार्थना: भाग-2 से आगे
फिर एक दिन राम ने ही प्रार्थना को 'Sorry' का मैसेज किया। प्रार्थना तो जैसे इस पल का कब इंतजार कर रही थी । उसने झट ही कह दिया 'कोई बात नहीं देर आये दुरुस्त आये।'
राम: क्या कर रही हो ?
प्रार्थना: कुछ नहीं बस बैठी थी। आज कैसे मन कर गया आपका बात करने का?
राम: एक कहानी पढ़ी थी मैंने..
प्रार्थना: कौनसी...?वो प्रार्थना वाली...
राम: हां, वो ही। पहले तो मैंने सोचा आपने कहा है उसे कहानी लिखने के लिए..लेकिन बाद में पता चला कि वो कहानी उसी से संबंधित थी।
प्रार्थना: और मैंने सोचा आपने कहा था। चलो छोड़ो ...ओर क्या करते हो आज कल..?
राम: कुछ खास नहीं... बस, सुबह उठकर बैंक और बैंक से घर।
प्रार्थना: इतनी देर लगा दी 'Sorry' कहने में ।
राम: क्या करता तेरा गुस्सा देखकर मेरी हिम्मत ही नहीं पड़ी... कुछ बोलने की ।
प्रार्थना: मैं बाद में मान गयी थी...मैं आप से बात भी करना चाहती थी लेकिन मेरे मम्मी पापा ने ही बात करने नही दी..(आँसू निकल पड़े आँखों से)
राम: प्लीज आप रोवो मत...अब जो हो गया सो हो गया मैं आपसे एक बार ओर सॉरी मांगता हूँ..
प्रार्थना: कोई बात नहीं..पापा ने एक शर्त रखी थी कि यदि ' तुम(राम) उसको मना लेगा तो वह अपनी शादी करवा देंगे।
प्रार्थना: Thanks.. अब हम कभी जुदा नहीं होंगे...
राम: कभी नहीं...। जिसके लिए तुझे छोड़ा था वो भी छोड़कर भाग गई यार....(हस्ते हुए)
प्रार्थना: बुधु तुझे मेरे अलावा कौन झेलेगा..कौन तेरी अकड़ सहेगा। (ये भी हस पड़ी)
राम: तूने अभी शादी क्यों नहीं की??
प्रार्थना: कैसे करती मेरी किस्मत में जो तू लिखा था। हर समय याद करती रहती थी तुझे...।
प्रार्थना: हर दिन मैसेज चेक करती थी कभी fb पर तो कभी इनबॉक्स में।
राम: मेरे ससुर जी का क्या हाल है..???
प्रार्थना: ठीक है...अब जल्दी से तगड़ा हो जा.. गिन गिन बदले लुंगी तुम से बहुत तड़फाया है रे तूने..
राम: ठीक है...मेरे बाबा...
प्रार्थना: दिन निकलने को है अब सो जा...
राम: अरे! यार आज नींद कहाँ आएगी मुझे...
प्रार्थना: सो जा अब.. पागल। चार बज गए है सुबह काम पर भी तो जाना है...हम दोनों ने।
राम: ठीक है बाबा... By...
प्रार्थना: By By....
इस तरह प्रार्थना ने अपने पेरेंट्स को बताया और दोनों की शादी हो गयी । आज दोनों एक दूसरे को लेकर खुश है..खुशी से अपनी जिंदगी बसर कर रहे है...।
तो दोस्तो आपको यह कहानी कैसे लगी...कॉमेंट करके जरूर बताएं...
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लेखकः सुखचैन मेहरा # 9460914014

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