September 30, 2018 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments
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प्रार्थना: भाग-3

इस कहानी का भाग पहला और दूसरा प्रतिलिपी ऐप्प में अपलोड किया हुआ है..
प्रार्थना: भाग-2 से आगे

फिर एक दिन राम ने ही प्रार्थना को 'Sorry' का मैसेज किया। प्रार्थना तो जैसे इस पल का कब इंतजार कर रही थी । उसने झट ही कह दिया 'कोई बात नहीं देर आये दुरुस्त आये।'

राम:  क्या कर रही हो ?

प्रार्थना: कुछ नहीं बस बैठी थी। आज कैसे मन कर गया आपका बात करने का?

राम: एक कहानी पढ़ी थी मैंने..

प्रार्थना: कौनसी...?वो प्रार्थना वाली...

राम: हां, वो ही। पहले तो मैंने सोचा आपने कहा है उसे कहानी लिखने के लिए..लेकिन बाद में पता चला कि वो कहानी उसी से संबंधित थी।

प्रार्थना: और मैंने सोचा आपने कहा था।  चलो छोड़ो ...ओर क्या करते हो आज कल..?

राम: कुछ खास नहीं... बस, सुबह उठकर बैंक और बैंक से घर।

प्रार्थना: इतनी देर लगा दी 'Sorry' कहने में ।

राम: क्या करता तेरा गुस्सा देखकर मेरी हिम्मत ही नहीं पड़ी... कुछ बोलने की ।

प्रार्थना: मैं बाद में मान गयी थी...मैं आप से बात भी करना चाहती थी लेकिन मेरे मम्मी पापा ने ही बात करने नही दी..(आँसू निकल पड़े आँखों से)

राम: प्लीज आप रोवो मत...अब जो हो गया सो हो गया मैं आपसे एक बार ओर सॉरी मांगता हूँ..

प्रार्थना: कोई बात नहीं..पापा ने एक शर्त रखी थी कि यदि ' तुम(राम) उसको मना लेगा तो वह अपनी शादी करवा देंगे।

प्रार्थना: Thanks.. अब हम कभी जुदा नहीं होंगे...

राम: कभी नहीं...। जिसके लिए तुझे छोड़ा था वो भी छोड़कर भाग गई यार....(हस्ते हुए)

प्रार्थना:  बुधु तुझे मेरे अलावा कौन झेलेगा..कौन तेरी अकड़ सहेगा। (ये भी हस पड़ी)

राम: तूने अभी शादी क्यों नहीं की??

प्रार्थना: कैसे करती मेरी किस्मत में जो तू लिखा था। हर समय याद करती रहती थी तुझे...।

प्रार्थना: हर दिन मैसेज चेक करती थी कभी fb पर तो कभी इनबॉक्स में।

राम: मेरे ससुर जी का क्या हाल है..???

प्रार्थना: ठीक है...अब जल्दी से तगड़ा हो जा.. गिन गिन बदले लुंगी तुम से बहुत तड़फाया है रे तूने..

राम: ठीक है...मेरे बाबा...

प्रार्थना: दिन निकलने को है अब सो जा...

राम: अरे! यार आज नींद कहाँ आएगी मुझे...

प्रार्थना: सो जा अब.. पागल। चार बज गए है सुबह काम पर भी तो जाना है...हम दोनों ने।

राम: ठीक है बाबा... By...

प्रार्थना:  By By....

इस तरह प्रार्थना ने अपने पेरेंट्स को बताया और दोनों की शादी हो गयी । आज दोनों एक दूसरे को लेकर खुश है..खुशी से अपनी जिंदगी बसर कर रहे है...।

तो दोस्तो आपको यह कहानी कैसे लगी...कॉमेंट करके जरूर बताएं...

प्रार्थना के तीनों भाग एक साथ पढ़ने के लिए 9460914014 पर व्हाट्सएप करें..

लेखकः सुखचैन मेहरा # 9460914014


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