July 01, 2018 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments Posted in
Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on July 01, 2018 with No comments | Categories:

हैप्पी बर्थडे  (कहानी एक नवजात बर्थडे गर्ल की)

आज इस(जो फ़ोटो में दिखाई दे रही है) लड़की का जन्मदिन था। कोई हॉस्पिटल के स्क्रैप के साथ इसे भी छोड़ गया था। इसे इस हालत में देख मेरा मन करुणा से भर गया..आंखे नम हो गयी। सोचने लगा लोग हैप्पी बर्थडे पर डिब्बे में पैक करके गिफ्ट देते है लेकिन किसी बेरहम ने इसे ही पैक कर दिया। मैं जैसे ही इसके पास गया बच्ची ने  अपना हाथ पीछे हटा लिया मानो कह रही हो जब मेरी माँ बाप ने ही त्याग दिया तो तू क्यों जिद्द करता है??? मैंने फिर अपना हाथ बढ़ाया लेकिन फिर बर्थडे गर्ल ने अपना हाथ पीछे हटा लिया...लेकिन उसकी कब तक चलती आखिर बच्ची थी वो...मैंने उसे उठाया पैक से बाहर निकाला वो रोने लग गयी.. और अब चारों ओर से कैमरों की क्लिक-क्लिक की आवाजें सुनाई देने लगी। तांता लग गया मूवी व फ़ोटो लेने वालों का कई तो fb पर ही ऑनलाइन हो गए.. लेकिन इस बच्ची के रोने की आवाज ने मुझे फिर दिखावी दुनियां से बाहर निकाला। मैं बच्ची की भोली सूरत को देख कर  फिर आँखो में आंसू भर आया लेकिन इधर क्लिक-क्लिक की आवाज अभी भी अंदर ही अंदर मुझे गुस्सा दिला रही थी.. आखिर मैंने उन्हें फटकार ही दिया.. बन्द करो ये सब.. आप लोग तो यहीं आस पास के हो लेकिन इस मासूम के अपने आप उठ कर  आने का इंतजार कर रहे थे क्या ???? (सभी ने अपने-अपने  मोबाइल जेब में डाल लिए) बर्थडे गर्ल को देख कर मैं अबकी बार भी आंखे नम करने से नहीं रोक पाया.। पता नहीं क्यूँ मेरा दिल अन्दर से रोये ही जा रहा था.... रोये ही जा रहा था,  लेकिन मेरी आंसू छलकती आँखों में तब चमक आ गई जब पास के ही एक ब्रेकरी वाला *बर्थडे गर्ल* के लिये एक बढ़िया सा केक ले आया । कहने लगा.... सॉरी बेटा तमाशबिन लोगों में मैं भी शामिल हो गया..आंसू तो उस ब्रेकरी वाले की आंखों में भी थे लेकिन वो आंसू अच्छाई का संदेश रहे थे। सब ने मिलकर *हैप्पी बर्थडे* वाला गीत गुनगुनाकर,गा कर इस प्यारी बर्थडे गर्ल का बर्थडे मनाया।
( *बेटी बचाओ...इंसान कहलाओ* ।)
लेखक: *सुखचैन मेहरा* # *9460914014*

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