December 29, 2018 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments
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त्योहारों का देश हमारा

त्योहारों का है देश हमारा अनेकों त्योहार मनाए जाते है।
हम सब मिलकर  हर  त्योहार  मनाते, अकेले तो नही।।

आज है पच्चीस दिसम्बर जन्म दिन है ईसा मसीह का।
सब मिलकर है देते एक दूजे बधाइयां, अकेले तो नही।।

सांता क्लॉज है पूछ रहा हरेक नन्हे बच्चे से कौन हूँ मैं।
सब बच्चे मिलकर बोले मेरे अंकल, वो अकेले तो नही।।

ना है जात पात, न कोई लिंग भेद, न है छोटा या बड़ा।
सब मिलकर है त्योहार मनाते , अकेले अकेले तो नही।।

स्वरचित
सुखचैन मेहरा


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