एक साक्षात्कार
(उम्मीदवार का साक्षात्कार ले रही है जनता।
चलिये देखते है क्या कह रही है जनता।।)
जनता
आप आराम से बैठिये घबराइए नही।
साक्षात्कार बीच में न रह जाए कही।।
उम्मीदवार
नही घबरा रहा ठीक हूँ मैं।
साक्षात्कार में शरीक हूँ मैं।।
(पसीना छूट रहा है)
जनता
ठीक है तो आओ आगे बढ़ते है।
क्या नाम है आपका?क्या करते है?
उम्मीदवार
स्याणा राम है मेरा नाम।
जन सेवा है मेरा काम।।
जनता
जी काम तो आपका है, खरा।
कितना अनुभव है बताओ जरा??
उम्मीदवार
साठ साल, हमारी पीढ़ी समर्पित है।
आगे भी मेरा जीवन जनार्पित है।।
जनता
अच्छा! तभी आज मेरा भारत महान है।
विकासशील है देश, भ्रष्टाचार प्रवान है।।
उम्मीदवार
अब हम कुछ करेंगे ये वादा है।
अपनो की फुट थोड़ी ज्यादा है।।
जनता
साठ सालों में तो कुछ नही कर पाए।
अब क्या कहीं से जादू की छड़ी ले आए??
उम्मीदवार
विपक्ष में बैठे है पिछले दस सालो से।
उभरेंगे हम अब राजनीतिक जंजालों से।।
जनता
चलो अच्छा है, उभर जायोगे तो ठीक है।
नही तो फिर बदल देंगे, यही हमारी रीत है।।
जनता
बधाई हो तुम्हे चुना है हमने रीतानुसार।
उम्मीदवार
धन्यवाद आपका, आपको मेरा नमस्कार।
स्वरचित
सुखचैन मेहरा # 9460914014

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