December 03, 2020 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह 1 comment Posted in , , ,
Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on December 03, 2020 with 1 comment | Categories: , , ,
नमन मंच
क्रम -५७
विषय- तब भगवान याद आते है
३/१२/२०२०

सुख में होते जब लोग यहाँ
भगवान को भूल जाते हैं
आता संकट कोई उनपर
तब भगवान याद आतें हैं
मुसीबतों से घबराकर
दुखों की ठोकर खाकर
हो जाता है जब दर बदर
अपनों से ठुकराकर
जब हार जाता है हरपल
तब झरते हैं आंसू निर्झर
आता है याद ईश्वर का दर
जो भुला दिए अक्सर जाते हैं
सुख के सागर में जब होतें हैं
सब और से जब सब मिलता है
फिर रब को भूल जातें हैं
जब लेता है परीक्षा अपनी
दुख में तपाये जातें हैं
तब भगवान याद आतें हैं
कर लो सुख में ही याद उन्हें
क्यों दुख का इंतजार करें
जब आये मुसीबत तो याद करो
ऐसा तो कोई भाव नहीं
सुख दुःख को सम मान चलो
भगवान को बस याद करो
मिलेगा फिर साथ हमें उनसेे 
तब भगवान साथ होतें हैं
©®धीरज कुमार शुक्ला"दर्श"
झालावाड़, राजस्थान

Bookmark Us

Delicious Facebook Favorites More Stumbleupon Twitter

Search