Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on December 03, 2020 with No comments | Categories: आ0 'ज्योति कुमारी' जी, कविता, दिसम्बर 2020, भगवान
नमन कलम रथ मंच
दिनांक:-3/12/2020
विषय:-तब भगवान याद आते है
विधा :-कविता
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जो दिल के बहुत पास होते है,
सदा आंखों की प्यास होते है,
वे जब जग में तन्हा छोड़ देते,
हम चाहकर भी नहीं मिल सकते,
तब हमें भगवान याद आते है।
उम्रभर की आस बन जाते है,
हर राह की तलाश बन जाते है,
पर मायूसी के सिवाय कुछ भी,
हम हासिल नहीं कर पाते है
तब हमें भगवान याद आते है।
ज्योति कुमारी
रामगढ़ (झारखंड)

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