December 03, 2020 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments Posted in , , ,
Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on December 03, 2020 with No comments | Categories: , , ,
#कलमरथपरिवार
#कलमरथ दैनिक आयोजन2020
#आयोजन क्रमांक57
#विषय-तब भगवान याद आते हैं।
#विधा-मुक्तक
#दिनांक03-12-20


जब बिपत्ति सर चढ़े गाते हैं।
तब भगवान याद आते हैं।
दुनिया की रीत यह नीत है।
जब जब दुख हमें सताते है।

स्वरचित मौलिक
चन्द्र भूषण निर्भय
बेतिया

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