Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on December 03, 2020 with No comments | Categories: आ0 'करमजीत कौर' जी, कविता, दिसम्बर 2020, भगवान
नमन मंच
विषय: तब भगवान याद आते हैं
विधा: पद्य
कोई संकट जब जाए
जब कोई बात बिगड़ जाए
जब घेर ले कोई बिप्ता
कोई बात समझ ना आए
जब सिर पर चढ़ जाए कर्ज
जब समस्या का हल ना पाए
जब दे जाए कोई धोखा
तब मन छुटकारा दुनियाँ से चाहे
जब सब कुछ हो निसफल
तब ये दिल से आहें भरते हैं
इस बुरे टाइम के वक़्त में
तब भगवान ही याद आते हैं l
करमजीत कौर, शहर - मलोट
जिला- श्री मुक्तसर साहिब, पंजाब
सवरचित एवम मौलिक

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