December 03, 2020 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments Posted in , , ,
Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on December 03, 2020 with No comments | Categories: , , ,
नमन कमल रथ मंच
विषय तब भगवान याद आते हैं
विधा गद्य( आलेख)
दिनांक 3-12- 2020
शीर्षक - तब भगवान याद आते हैं
आलेख--जब मनुष्य पृथ्वी में जन्म लेता है ।तो सब कुछ भूल जाता है। 84 योनि भोग करके मनुष्य में अवतार होता है ।और जब मां के गर्भ में रहता है। तो 9 माह तक भगवान की प्रार्थना करता है कि हे ! प्रभु मुझे इस दुनिया से पृथ्वी पर कब तक अवतार हो जाएगा। इस प्रकार करके वह प्रार्थना करता है। और जब मनुष्य का अवतार हो जाता है। तो जो उन्होंने संकल्प किया था कि- मैं पृथ्वी में जा करके ईश्वर को कभी नहीं भूलूंगा। इसके बाद वह सब कुछ भूल जाता है।फिर वह बड़ा हो जाता है।तो कभी भी भगवान के प्रति श्रद्धा भाव, भक्ति , प्रार्थना नहीं करता है। यदि उसके जीवन में किसी भी प्रकार के कोई संकट आ जाता है। तो फिर भगवान की याद आते है। मानव को जीवन में किसी प्रकार की विपत्ति आती जाती रहती है। कभी सुख मिलता है ।और कभी दुख मिलता है। इसलिए मनुष्यों को यह चाहिए कि चाहे सुख हो या दुख हो। भगवान को सुबह शाम याद करना चाहिए। यह नहीं कि हमें जब भी सुख मिल रहा है ।तो भगवान को भूल जाएं, दोनों में सुख और दुख में भगवान को नहीं भूलना चाहिए। अपने समर्थ अनुसार पूजा-पाठ, भक्ति, अर्चना करना चाहिए।
महत्त्व--भगवान की प्रार्थना करना अति आवश्यक है। जब हम श्रद्धा भाव से पूजा -अर्चना करते हैं। तो हमेशा भगवान सुख ,शांति, समृद्धि प्राप्त होती है। इसलिए हमेशा सुख हो चाहे दुख हो, भगवान के नाम का जाप करना चाहिए ।ताकि किसी प्रकार के संकटों की सामना ना करना पड़े।
                   स्वरचित- आलेख
                    देवीदीन चंद्रवंशी
                    ग्राम -बेलगवां
                   तहसील पुष्पराजगढ़
                   जिला अनूपपुर (म०प्र०)

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