Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on February 02, 2019 with No comments
तेरा साथ
तुम से प्यार करता हूँ, करता रहूंगा
तुम मेरे हो सनम, ये हक से कहूँगा।।
बस तुम मेरे संग रहना, मेरे हमदम।
वादा है, मैं भी संग तेरे हमेशा रहूँगा।।
जिंदगी में अड़चनें तो आएंगी सनम।
तेरा साथ रहा तो मैं पीछे नही हटूँगा।।
तेरे संग जिस्म का रिश्ता नही रखना
मैं तो दो जान एक जिंद का रखूँगा।
मेरे हमदम छोड़ मत जाना राह में।
तेरे बिना तो मैं जिंदा ही मर जाऊँगा।।
स्वरचित
सुखचैन मेहरा

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