मुझे अपना टेडी बना लो
फूल दिया, इजहार किया
अब चॉकलेट खा के हूँ रेडी
आज बना लो सनम
मुझे अपना टेडी
जब चाहो प्यार करना
जब चाहो इजहार करना।
कभी दिल उदास हो जो तेरा
मुझ से बात करना।
अपने दिल की हर बात
मुझ से कह देना।
कभी कभार याद जो मेरी आये
इस टेडी को चुंबनों की बरसात कर देना।
कभी मन दुखाऊँ जो तेरा
हल्के हल्के थप्पड़ों की बरसात कर देना
मतलब कुछ भी करना
पर इस टेडी को अपने दिल से
दूर मत होने देना।
मैं टेडी बनकर
तेरे पास रहना चाहता हूँ,
रोज रोज तेरे हाथों का
स्पर्श पाना चाहता हूँ।
कपड़े का नही मुझे
कागज का टेडी समझना
हल्की सी चोट से बिखर जाऊंगा।
मुझे नादां टेडी समझना
जरा सी तन्हाई नही सह पाऊंगा।
हग डे से पहले ही गले लगालो
मुझे अपना टेडी बना लो, टेडी बना लो
-:-तेरा टेडी-:-
स्वरचित
सुखचैन मेहरा

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