February 07, 2019 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments
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हैप्पी रोज-डे 2019(काल्पनिक)

आज रोज डे था। युवाओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा था। हमारे कॉलेज में भी इसका असर साफ दिखाई देखा जा सकता था। आधे से ज्यादा लड़के लड़कियों के हाथ मे गुलाब का फूल था। 

आज सब मौके की तलाश में थे अपने मन की बात कहने के लिए। कुछ लड़कियां तो आज कॉलेज ही नही आई कि कुछ गलत ना हो जाये, बदनामी न हो जाये। इस बजह से अपने अपने गुलाब तोड़ मरोड़ कर कचरे पात्र मे फेंक दिया। 

गुलाब लेने देने का सिलसिला शुरू हो गया। सब लड़के लड़कियां बहुत खुश थे। कुछ बेचारे बैठे थे अकेले एक साइड में। उनमें से एक राज भी था। 

थोड़ी देर बाद कुछ यूं हुआ कि पूरी क्लास एक दम शांत हो गयी राज गर्दन उठाकर देखा तो कॉलेज की सबसे हसींन लड़की राज सामने चार रंग के गुलाब लिये खड़ी थी। सब की नजर उन दोनों पर थी।

उसने इशारा किया कि 'कौनसा दूँ?"

उसके हाथ में लाल, पिला, गुलाबी, सफ़ेद रंग के चार गुलाब थे। 

राम अपना हाथ आगे बढ़ाया । पहले तो राम ने 'लाल गुलाब' की ओर हाथ बढ़ाया। सब हेईईईईईईई.... हेईईईईईईई........ हेईईईईईईई करके शोर करने करने लगे। राज ने अपना हाथ पीछे हटा लिया। सारे शांत हो गए। 

फिर राज ने  'पीले गुलाब' की ओर हाथ बढ़ाया। फिर क्लास रूम हेईईईईईईई... हेईईईईईईई...की आवाज से गूंज उठा। राज ने फिर अपना हाथ पीछे हटा लिया। फिर सब शान्त!।

ऐसे ही 'सफेद गुलाब' के लिए हुआ।

आखिर में राज ने 'गुलाबी गुलाब' धन्यवाद कहते हुए ले लिया। 

शोर सुन कर हमारे गुरुजन भी वहां आ गए थे। उन्होंने कहा 'राम' ने बिल्कुल सही गुलाब का चयन किया है। 

वो कैसे सर्? (सभी ने एक साथ पूछा)

देखो बच्चों 'लाल गुलाब' प्यार का प्रतीक होता है । प्यार माँ-बेटे, भाई-बहन का भी हो सकता है और लड़के-लड़की का भी।

'पिला गुलाब'  दोस्ती का....'सफेद गुलाब' शांति का प्रतीक है। और जो राम ने चुना है 'गुलाबी गुलाब' वो

है खुशियां बांटने का प्रतीक है, जो हम सब  किसी को भी दे सकते है और ले सकते है।

लेकिन रंजना रोने लगी ? और वह वहां से चली गई।

राज भागकर उसके पीछे गया और क्लास रूम को बाहर से बन्द कर दिया। निशा मैडम राम रोकने लगे लेकिन सभी ने कहा राज ऐसा कोई काम नहीं करेगा जो गलत हो। 

सभी उन दोनों को देख रहे थे पारदर्शी शीशे में से। राज ने छुपाया हुआ 'लाल-गुलाब' रंजना को दे दिया। और वो खुश हो गई।उसने भी मुझे वो लाल गुलाब दे दिया। तालियों की हल्की सी गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। वो दोनों खुश थे। 

राज ने क्लास रूम खोल दिया। तालियों की गड़गड़ाहट अभी भी शुरू थी।

('लाल-गुलाब' प्यार का प्रतीक है और प्यार किसी भी रिश्ते के बीच हो सकता है)


स्वरचित:

सुखचैन मेहरा

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