August 05, 2018 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments
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आँखों के काले घेरे

आज कॉलेज के अधिकांश लड़कों व लड़कियों के हाथ में बेस्ट फ्रेंड के धागे थे। सब लोग एक दूसरे को बांध भी रहे थे, फ़्रेंडशिप डे जो था। रुबा ने तो दिल से अपने प्यार का ही इज़हार कर दिया। लेकिन जवाब ऐसा मिला जिसका रुबा को अंदाजा भी ना था...., वो सोच भी नहीं सकती थी कि उसे ये जवाब मिलेगा। जब रुबा ने अपने प्यार का इज़हार किया तो दिल ने कहा.. 'मुझे तुंम पसंद हो लेकिन तेरे आंखों के काले घेरे  पसंद नहीं।' ये सुन कर रुबा को ये तक समझ  नहीं आया कि दिल  ने ये क्या कह दिया..? दिल से पूछने पर नहीं बताया उसने। रुबा ने अपनी सहेलियों से भी पूछा लेकिन सभी ने 'इस उम्र में सब के होते है' कहकर टाल दिया। कुछ दिन तो रुबा ऐसे ही इधर उधर से पूछती रही(जिनसे वो पूछ सकती थी) लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आखिर उसने अपनी सबसे अच्छी दोस्त, माँ से पूछ लिया। मां ने जवाब दिया कि बेटा तेरी शादी की उम्र हो गयी है...। थोड़ी देर बाद रुबा को सब पता चल गया था कि दिल ने क्या कहा था..? रुबा ने अपने आप पर सयंम रखते हुए अपनी दिनचर्या में बदलाव किया जो उसे करना चाहिए था। कुछ समय बाद उसी रुबा ने दिल से फिर इज़हार कर दिया इस बार उसकी आंखें बहुत खूबसूरत व दाग रहित थी। दिल मना नहीं कर पाया।

सुखचैन मेहरा # 9460914014


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