Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on April 06, 2020 with No comments
-:-क्यों नहीं चाहते?-:-
साफ स्वच्छ रहना सब चाहते है कोरोना कोई नहीं चाहते
सुविधाएं सब चाहते है, सरकार का होना क्यों नही चाहते?
फरमान है देश की सरकार का, मत निकलो घर से बाहर
घूमते कुछ बेवजह बाजारों में, घर रहना क्यों नहीं चाहते ?
बढ़ रही है तादात कोरोना के मरीजों की देश मे दिनों दिन
छुपा रहे है बीमारी को कुछ, जांच कराना क्यों नहीं चाहते?
बुद्धिजन गए थे वतन छोड़कर विदेशों में, नतीजा सामने है
गए तो गए वायरस ले आये, वहा रहना क्यों नही चाहते ?
माना घर लौटना चाहते है ये लोग जो वर्षो से दूर थे घर से
किसी ने नही संभाला उन्हें, संभालना क्यों नही चाहते?
हा पालन किया है जनता ने फरमान का थालियां बजाकर
घरों में बजानी थी गलियों में नहीं, समझना क्यों नहीं चाहते?
नही मालूम क्या चाहती है जनता? क्या जहन में चल रहा है?
किंतु फैल जाए कोरोना पूरे देश में, कुछ यों ये हम नहीं चाहते।
स्वरचित
सुखचैन मेहरा

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