Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on February 05, 2018 with No comments
पछतावे के आंसू (एक अधूरी लव स्टोरी)
*दो मिनट का समय निकालकर जरुर पढ़ना *
आज कॉलेज का आखरी
दिन था | लाली आज तक तो अपने प्यार का इजहार न कर पायी लेकिन आज हिम्मत जुटाकर राज
को अपने दिल की बात कहने के लिए लाली की आंखे राज को ढूँढने लगीअ | लाली को कहीं
से पता चला की राज की तो मंगनी हो गयी है | फिर एक बार लाली की हिम्मत को एक जोर
डर झटका लगा | इतने में राज दिखाई पड़ा वह राज के पास गयी और उसकी मंगनी की बधाई
देने लगी | बधाई........! किस बात की बधाई दे रहे हो मुझे आप ??? ..तुम्हारी मंगनी
की | राज की हल्की सी आश्चर्य भरी हँसी छुट पड़ी | अरे लाली आपकी किसी ने फिरकी
लेली आज फन डे भी है न आज | इतना सुनते ही लाली राज के गले लग रोने लग गयी और अपने
दिल का सारा हाल बता दिया | अपने इतनी सी बात कहने में पुरे तीन साल लगा दिये | और
मैं आपका ये इजहार नहीं स्वीकार कर सकता क्योंकि अगले सप्ताह ही लडकी वाले आ रहे
है हमारे घर | तो फिर........मेरा क्या होगा? लाली ने कहा | लाली, अब कुछ नहीं हो
सकता | एक बात मैं आपको बताता हूँ कि हमारे मन में जो है उसे समय रहते कह देना
चाहिए क्योंकि समय बीत जाने के बाद तो बस पछतावा ही पल्ले रह जाता है | पहले
तो लाली की आँखों में प्यार के इज़हार के आंसू थे और अब पछतावे के.............
लेखक:- सुखचैन मेहरा, सम्पर्क सूत्र- 9460914014 (व्हाट्सएप्प)

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